जिला प्रशासन ने अवैध खनन से जुड़े परिवहन और भंडारण के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए सघन जांच और जब्ती अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब लगातार मिल रही शिकायतों और खुफिया जानकारी से पता चला है कि कुछ तत्व रात के अंधेरे में अवैध रूप से खनिजों का परिवहन और भंडारण कर रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अब सभी संबंधित विभागों को समन्वित कार्रवाई के लिए कहा गया है, ताकि अवैध खनन की आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह से तोड़ा जा सके।
जिलाधिकारी ने हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि खनन सामग्री के परिवहन में लगे वाहनों की गहन जांच की जाए। विशेष रूप से उन मार्गों पर जहां से अवैध खनिजों की तस्करी की संभावना अधिक है, वहां चेकपोस्ट और मोबाइल टीमें तैनात की जाएंगी। साथ ही, भंडारण स्थलों पर भी औचक निरीक्षण किया जाएगा, और यदि किसी स्थान पर अवैध खनिज पाए जाते हैं, तो तत्काल जब्ती कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
खनन विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमें अब लगातार छापेमारी कर रही हैं। पिछले कुछ दिनों में कई वाहनों को जब्त किया गया है और बड़ी मात्रा में अवैध खनिज बरामद हुए हैं। प्रशासन का मानना है कि परिवहन और भंडारण पर लगाम लगाए बिना अवैध खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती, क्योंकि तस्कर अक्सर खनन स्थल से निकलने के बाद सामग्री को छिपाने और आगे भेजने के लिए इन्हीं दो चरणों का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए, अब इन दोनों पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों और पर्यावरणविदों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरण और सड़कों की स्थिति भी खराब होती है। अवैध परिवहन से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे में सघन जांच और जब्ती अभियान से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अवैध खनन या परिवहन की किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर अवैध खनन को बढ़ावा देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपनी रिपोर्ट नियमित रूप से उच्च अधिकारियों को भेजें, जिससे कि प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। साथ ही, संबंधित थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए कहा गया है। प्रशासन का मानना है कि सामूहिक प्रयास और सख्त कानूनी कार्रवाई से ही अवैध खनन पर अंकुश लगाया जा सकता है।