जिला अतिथि निवास में महिला जनप्रतिनिधियों के लिए एक विशेष राजनीतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य उन्हें नेतृत्व कौशल, सरकारी योजनाओं की जानकारी और नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना था। इस शिविर में जिले के विभिन्न पंचायतों और नगरीय निकायों से चुनी गई महिला सदस्यों, सरपंचों और वार्ड पार्षदों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के पहले सत्र में विशेषज्ञों ने महिला जनप्रतिनिधियों को प्रभावी नेतृत्व के गुर सिखाए। उन्हें बताया गया कि कैसे वे अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दे सकती हैं, बैठकों में मुखरता से अपनी बात रख सकती हैं और सामुदायिक समस्याओं का समाधान कर सकती हैं। साथ ही, लैंगिक भेदभाव और सामाजिक बाधाओं से निपटने के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
दूसरे सत्र में सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी और बताया कि कैसे जनप्रतिनिधि इन योजनाओं का लाभ गांव-शहर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा सकती हैं। इस दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी जोर दिया गया।
तीसरे सत्र में नागरिक अधिकारों और कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया। महिला जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और शिकायत निवारण तंत्र की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और भेदभाव से जुड़े कानूनों की जानकारी दी, ताकि वे अपने क्षेत्र की महिलाओं को भी इनके प्रति जागरूक कर सकें।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत लाभकारी बताया और भविष्य में ऐसे और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की मांग की। आयोजकों ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों का सशक्तिकरण लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से जिले में महिला नेतृत्व को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।